जयपुर। Sanatan Dharma Basic Things : सनातन धर्म को दुनिया में सबसे पुराना माना गया है। सनातन धर्म की उत्पत्ति भी भारतवर्ष में ही हुई है। सनातन धर्म को मानने वाले हिदुंओं के आए दिन कोई न कोई त्योंहार पर्व आते रहते है। इसके अलावा सनातन धर्म से जुड़ी कई ऐसी चीजें हैं जो पूरी दुनिया में मशहूर हैं और हिंदू उनको अपने साथ लेकर चलते हुए जीवन जीते हैं। लेकिन, 90 प्रतिशत हिंदुओं को इन बातों के बारे में नहीं पता होता है कि वो सनातन धर्म से जुड़ी हैं। तो आइए जानते हैं सनातन धर्म से जुड़ी इन 10 बेहद ही महत्वपूर्ण बातों के बारे में…
1. घंटी, 2. शंख, 3. बांसुरी, 4. वीणा, 5. मंजीरा, 6. करतल, 7. बीन (पुंगी), 8. ढोल, 9. नगाड़ा और 10. मृदंग
संध्यावंदन, 2. व्रत, 3. तीर्थ, 4. उत्सव, 5. दान, 6. सेवा 7. संस्कार, 8. यज्ञ, 9. वेदपाठ, 10. धर्म प्रचार।
दिशाएं 10 होती हैं जिनके नाम और क्रम इस प्रकार हैं- उर्ध्व, ईशान, पूर्व, आग्नेय, दक्षिण, नैऋत्य, पश्चिम, वायव्य, उत्तर और अधो।
10 दिशाओं के 10 दिग्पाल अर्थात द्वारपाल होते हैं या देवता होते हैं। उर्ध्व के ब्रह्मा, ईशान के शिव व ईश, पूर्व के इंद्र, आग्नेय के अग्नि या वह्रि, दक्षिण के यम, नैऋत्य के नऋति, पश्चिम के वरुण, वायव्य के वायु और मारुत, उत्तर के कुबेर और अधो के अनंत।
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1. कामधेनु गाय, 2. गरुढ़, 3. संपाति-जटायु, 4. उच्चै:श्रवाअश्व, 5. ऐरावत हाथी, 6. शेषनाग-वासुकि, 7. रीझ मानव, 8. वानर मानव, 9. यति, 10. मकर।
1. कल्पवृक्ष, 2. अक्षयपात्र, 3. कवच कुंडल, 4. दिव्य धनुष और तरकश, 5. पारस मणि, 6. अश्वत्थामा की मणि, 7. स्यंमतक मणि, 8. पांचजन्य शंख, 9. कौस्तुभ मणि
10 संजीवनी बूटी
1. चरणामृत, 2. पंचामृत, 3. पंचगव्य, 4. सोमरस, 5. अमृत, 6. तुलसी रस, 7. खीर, 9. आंवला रस, 10. नीम रस।
1. काली, 2. तारा, 3. त्रिपुरसुंदरी, 4. भुवनेश्वरी, 5. छिन्नमस्ता, 6. त्रिपुरभैरवी, 7. धूमावती, 8. बगलामुखी, 9. मातंगी और 10. कमला।
1. नवसंवत्सर, 2. मकर संक्रांति, 3. वसंत पंचमी, 4. पोंगल, 5. होली, 6. दीपावली, 7. रामनवमी, 8. कृष्ण जन्माष्टमी, 9. महाशिवरात्री, 10. नवरात्रि।
1. पंचतंत्र, 2. हितोपदेश, 3. जातक कथाएं, 4. उपनिषद कथाएं, 5. वेताल पच्चिसी, 6. कथासरित्सागर, 7. सिंहासन बत्तीसी, 8. तेनालीराम, 9. शुकसप्तति, 10. बाल कहानी संग्रह।
1. गंगा दशहरा, 2. आंवला नवमी पूजा, 3. वट सावित्री, 4. तुलसी विवाह पूजा, 5. शीतलाष्टमी, 6. गोवर्धन पूजा, 7. हरतालिका तिज, 8. दुर्गा पूजा, 9. भैरव पूजा, 10. छठ पूजा
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1. 12 ज्योतिर्लिंग, 2. 51 शक्तिपीठ, 3. 4 धाम, 4. 7 पुरी, 5. 7 नगरी, 6. 4 मठ,आश्रम, 7. 10 समाधि स्थल, 8. 5 सरोवर, 9. 10 पर्वत, 10. 10 गुफाए
1. आंकड़ा, 2. गेंदा, 3. पारिजात, 4. चंपा, 5. कमल, 6. गुलाब, 7. चमेली, 8. गुड़हल, 9. कनेर, 10. रजनीगंधा
1. गुग्गुल, 2. चंदन, 3. गुलाब, 4. केसर, 5. कर्पूर, 6. अष्टगंथ, 7. गुढ़-घी, 8. समिधा, 9. मेहंदी, 10. चमेली।
1. अहिंसा, 2. सत्य, 3. अस्तेय, 4. ब्रह्मचर्य, 5. अपरिग्रह, 6. शौच, 7. संतोष, 8. तप, 9. स्वाध्याय, 10. ईश्वर-प्रणिधान
1. एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति (एक ही ईश्वर है दूसरा नहीं), 2. आत्मा अमर है, 3. पुनर्जन्म होता है, 4. मोक्ष ही जीवन का लक्ष्य है, 5. कर्म का प्रभाव होता है, जिसमें से कुछ प्रारब्ध रूप में होते हैं इसीलिए कर्म ही भाग्य है, 6. संस्कारबद्ध जीवन ही जीवन है, 7. ब्रह्मांड अनित्य और परिवर्तनशील है, 8. संध्यावंदन-ध्यान ही सत्य है, 9. वेदपाठ और यज्ञकर्म ही धर्म है, 10. दान ही पुण
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