Ganesh Mandir Jaipur : हिंदू धर्म में भगवान गणेश जी की सर्वप्रथम पूजा की जाती हैं। किसी भी कार्य की शुरुआत में गणेश जी की पूजा का विशेष महत्त्व हैं। यदि दिन बुधवार का हो, तो यह और भी विशेष हो जाता हैं। दरअसल, गणपति बप्पा के नाम से जन-जन के तन-मन में वास करने वाले प्रभु गणेश जी की विशेष पूजा के लिए बुधवार का दिन शास्त्रों-पुराणों में तय हैं। इस दिन राजस्थान की राजधानी जयपुर के गणेश मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं, गुलाबी शहर जयपुर के उन 4 गणेश मंदिरों के बारे में, जहां हर व्यक्ति को एक बार तो अवश्य जाना चाहिए।
गढ़ गणेश मंदिर
(Garh Ganesh Mandir)
यह देश का संभवतया एकमात्र मंदिर है, जहां बिना सूड़ वाले गणेश जी विराजमान हैं। यहां गणेशजी का बालरूप विद्यमान है। रियासतकालीन मंदिर ‘गढ़ की शैली’ में यह मंदिर तैयार हुआ हैं। यही वजह है कि, इस मंदिर का नाम ‘गढ़ गणेश मंदिर’ हुआ। मंदिर में जाकर आप कई विशेष बातें जान सकेंगे।
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मोती डूंगरी मंदिर
(Moti Dungri Mandir)
जयपुर का मोती डूंगरी गणेश मंदिर बेहद खास हैं। बुधवार के दिन और गणेश चतुर्थी के दिन, मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती हैं। न सिर्फ जयपुर बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग बप्पा के दर्शन करने पहुंचते हैं। यहां स्थापित गणेश जी प्रतिमा करीब पांच सौ साल पुरानी है।
नहर के गणेश जी
(Nahar ke Ganesh ji)
जयपुर में नाहरगढ़ की पहाड़ियों की तलहटी में बने इस मंदिर में विराजमान गणेश जी की प्रतिमा की सूंड दाहिनी तरफ है। मंदिर के महंत पण्डित जय शर्मा बताते हैं कि, मान्यतानुसार यहां सिर्फ उल्टा स्वास्तिक बनाने से ही बिगड़े काम बनने लगते है। हर बुधवार मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं।