नई दिल्ली। 2007 वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हाल बेहाल हुआ था। इस टीम में कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे उसके बावजूद भी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। जिसके बाद फटाफट क्रिकेट के पहले विश्वकप से सीनियर खिलाड़ियों ने परहेज किया, उसके बाद युवा खिलाड़ियों की टीम खड़ी की गई थी। इस टीम की कप्तानी एमएस धोनी के हाथों में सौंपी गई। इस टीम में कई दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हुए जैसे कि युवराज सिंह हरभजन सिंह और सहवाग। इस दौरान एम एस धोनी की कप्तानी का मैजिक देखने को मिला और इतिहास के पन्नों में एक नया अध्याय जुड़ गया।
पाकिस्तान से हुआ था सामना
जब वनडे कप से टीम इंडिया बाहर हुई तो फैंस ने खिलाड़ियों के पुतले तक फूंक दिए थे। इसके बाद टी-20 क्रिकेट में टीम इंडिया को मौका मिला। जब इसकी कप्तानी धोनी को मिली तो कई सवाल भी खड़े किए गए। टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा मुकाबला खेला गया। इस मैच में भारत का सामना पाकिस्तान से हुआ। दोनों ही टीमों ने 141 रन बनाए जिसके बाद बॉलआउट से मैच का नतीजा तय किया जाना था। इसमें धोनी की चतुराई देखने को मिली। इस दौरान धोनी ने स्टंप हिट करने वाले बॉलर्स को चुना और माही विकेट के पीछे घुटने के बल बैठ गए नतीजा यह रहा की टीम इंडिया ने मैच अपने नाम कर लिया।
सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए इंडिया के लिए बचे हुए मैच जितना जरूरी हो गया था। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में युवराज सिंह के बल्ले ने खुब आग उगली और युवी ने छह बॉल पर छह छक्के लगाकर 12 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर ली। और टीम ने मैच अपने नाम कर लिया। इसके बाद साउथ अफ्रीका के सामने माही की बेहतरीन पारी देखने को मिली। और धानी की कप्तानी में टीम सेमीफइनल में पहुंच गई।
फाइनल में भारत- पाकिस्तान आमने सामने
फाइनल मुकाबला भारत का पाकिस्तान के साथ हुआ। टीम के लिए राह आसान नहीं थी, क्योंकी इससे पहले भी टीम इंडिया को पाकिस्तान पापड़ बिलवा चुका था। मैच खत्म होने की ओर था और इंडिया की मुश्किले बढ़ रही थी। माही ने अंतिम ओवर के लिए जोगिंदर शर्मा को चुना और गेंद थमा दी। जोगिंदर की दूसरी गेंद पर सिक्स जड़ते ही सभी की सांसे अटक चुकी थी। जिसके बाद धोनी जोगिंदर से बात करते हैं और अगली गेंद पर शॉट लगता है और गेंद श्रीसंत के हाथ में होती हैं। धोनी की कप्तानी में टीम ने इतिहास रच दिया था।