Women Common Disease
जयपुर। 8 March Women Day 2024 को पूरी दुनिया में अलग—अलग तरीकों से सेलिब्रेट किया जा रहा है। इनमें महिलाओं को होने वाली परेशानियों से लेकर बीमारियों, सेफ्टी और अवेयरनेस से रिलेटेड कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। आज के समय में ऐसी कई बीमारियां हैं जो महिलाओं को अपनी जद में तुरंत जकड़ लेती हैं। ऐसे में हम आपको उन्हीं कॉमन बीमारियों (Women Common Disease) के बारे में बता रहे हैं जो महिलाओं (Women) को तुरंत लग जाती है और उनका बचना मुश्किल हो जाता है। तो आइए जानते हैं:—
महिलाओं को होने वाली सबसे बड़ी और गंभीर बीमारियों में से एक है ब्रेस्ट कैंसर। भारत में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। एक रिसर्च के अनुसार भारत की महिलाओं को होने वाले कैंसर के मामलों में सबसे ज्यादा यानी 25 प्रतिशत से ज्यादा मामले ब्रेस्ट कैंसर के होते हैं। इन्हीं बचने के लिए लिए जरूरी है कि 30 साल बाद महिलाओं को साल में कम से कम 2 बार ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मैमोग्राफी टेस्ट करवाना चाहिए।
यह भी पढ़ें : 8 March Women Day 2024 : नागौर की दिव्यकृति सिंह ने दुनिया को मनवाया घुड़सवारी का लोहा
भारत में भी अब महिलाओं को अक्सर वैजिनाइटिस रोग अत्यधिक संख्या में हो रहा है। इस बीमारी में वैजाइना में इंफेक्शन होता है जिससें खुजली, जलन, असामान्य स्राव होता है। महिलाओं में बेक्टीरियल इंफेक्शन और हाइजीन की कमी की वजह से यौन संचारित रोगों की वजह से वैजिनाइटिस बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इस वजह से समय—समय पर जांच करवाना चाहिए।
यह एक ऐसी बीमारी है जो पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होती है। एनीमिया में बॉडी हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है जिस वजह से बॉडी कई सारी परेशानियों से घिर जाती है। ज्यादातर महिलाएं चूंकि परिवार और करियर की व्यस्तता की वजह से खास देखभाल नहीं कर पाती और सही आहार नहीं लेती जिस वजह से वो अक्सर एनीमिया का शिकार हो जाती हैं। महिलाओं को एनीमिया से बचने के लिए हर साल कंपलीट ब्लड काउंट करवाना चाहिए।
यह भी पढ़ें : 8 March Women Day 2024 : दीया कुमारी ने कभी नहीं देखा हार का मुंह! ऐसे पहुंची राजस्थान के डिप्टी CM पद तक
सर्वाइकल कैंसर भी महिलाओं को सबसे ज्यादा होता है। दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर के 5 मामलों में से 1 भारत का होता है। यह कैंसर अधिकतर महिलाओं को ही होता है। इस कैंसर से बचने के लिए पेल्विक एग्जाम और अन्य टेस्ट कराए जाने चाहिए।
आज के समय में तेजी से बढ़ता वजन भी महिलाओं के लिए परेशानी है। भारत में अक्सर ऐसे मामले सामने आए हैं जहां महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होकर बढ़ते वजन को इग्नोर कर देती हैं। कुछ रिसर्च के अनुसार महिलाएं 30 से 40 साल की उम्र के बाद मोटापे की चपेट में तेजी से आती हैं।
टोंक। विगत तीन वर्षों से अपने शैक्षणिक नवाचारों से चर्चित राहोली के पीएमश्री राजकीय उच्च…
जयपुर। हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा दिए गए विवादित…
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऋषि गालव भाग द्वारा 30 मार्च, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नववर्ष पर…
जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर विभाग का शुक्रवार को झोटवाड़ा में पथ संचलन निकाला। घोष…
— डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका इतिहासविज्ञ Rana Sanga News : जयपुर। टोंक के डिग्गी में…
Rajasthan News : जयपुर। राजस्थान जैन सभा, जयपुर द्वारा 12 से 25 वर्ष के युवाओं…