Women Harassment On Holi Diseases
जयपुर। Holi 2024 : कई लोग होली को लड़कियों व महिलाओं को गलत जगह छूने का लाइसेंस मान लेते हैं और रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ कर देते हैं। गौरतलब है कि पिछले साल एक जापानी लड़की के साथ भी ऐसा ही हुआ था जिस घटना से पूरे देश को शर्मसार होना पड़ा था। होली पर रंग लगाने के बहाने (Holi Par Rang Lagane Ke Bahane) लड़कियों व महिलाओं के साथ छेड़छाड़ होने की घटनाएं कई जगहों पर होती हैं, लेकिन वो अपनी बदनामी के डर से कुछ कह नहीं पाती। हालांकि, जो लोग भी होली (Holi) को बहाना बनाकर ऐसी हरकतें करते हैं उनको लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
होली पर रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ की शिकार लड़कियां व महिलाएं होली के त्योंहार (Holi Festival) से कई दिन पहले ही डरने लग जाती हैं। क्योंकि उनको प्राइवेट पार्ट गुब्बारे मारने से लेकर छाती पर रंग रगड़ने जैसी घटनाएं हो चुकी होती हैं। ऐसी महिलाएं होली खेलना तो क्या होली के दिन अपने आपको घर के किसी एक कमरे में कैद करके रख लेती हैं और इस त्योंहार का आनंद नहीं ले पाती।
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आपको बता दें कि कानून के अनुसार किसी लड़की या महिला को जबरदस्ती छूना, उसके शरीर पर हाथ रगड़ना अथवा उसकी मर्जी के बिना रंग लगाना भी दुराचार की श्रेणी में आता है। ऐसी घटना पर धारा 354 के तहत कार्रवाई हो सकती है और अपराधी को 1 साल से 5 साल तक की सजा हो सकती है। मेघालय हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को बिना उसकी मर्जी के कपड़े के ऊपर से छूता है, शरीर को रगड़ता है, तो वो रेप की कैटेगरी में आएगा।
होली पर लड़कियों को छूने की आदत (Bad Touch) है मानसिक बीमारी है। साइकोलॉजिस्ट्स के मुताबिक आमतौर पर सेक्सुअल डिवीएशन के शिकार, साइकोपैथ या मानसिक रूप से विकृति वाले लोग ही इस तरह की हरकतें करते हैं। इन बीमारियों की वजह से व्यक्ति अपनी उम्र, रिश्ते या मर्यादा के बारे में सोचे बिना होली जैसे त्योहारों को किसी मौके की तरह देखते हैं। ऐसे लोगों को उनकी बॉडी लैंग्वेज से आसानी से पहचाना जा सकता है।
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एक्सपर्ट्स के मुताबिक होली का त्योंहार एक ऐसा मौका है जहां लोग भाभीजी… भाभीजी…या बुरा न मानो होली है कहकर गलत तरीके से बॉडी पर रंग लगा देते हैं। होली के बहाने ऐसा कुछ भी नहीं जो किसी भी लड़की या महिला के मन को दुखी करे और उसके त्योहार का मजा खराब हो जाए। यह ध्यान रखें कि मजाक और शरारतें भी सीमाओं में रहकर करना ही अच्छी लगती हैं।
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