Reiki Kya Hai: रेकी एक प्राचीन जापानी उपचार पद्धति है। जापानी शब्द ‘रेकी’ का अर्थ है “Universal Life Force”। माना जाता है कि रेकी के माध्यम से शरीर में बहने वाली ऊर्जा के संतुलन को बढ़ाकर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। यह एक दैवीय वैकल्पिक पद्धति है जो किसी धर्म या संप्रदाय से जुड़ी नहीं है और इसे जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार हमारे शरीर में एक सार्वभौमिक जीवन ऊर्जा (Life Force) प्रवाहित होती है, जिसे भारतीय संस्कृति में “प्राण” और चीनी चिकित्सा में “ची” के नाम से जाना जाता है। जब यह ऊर्जा अवरुद्ध या असंतुलित हो जाती है, तो यह बीमारी और अस्वस्थता का कारण बन सकती है। रेकी चिकित्सक इस जीवन ऊर्जा के प्रवाह में आई बाधा को दूर कर शरीर में बैलेंस बनाने का प्रयास करते हैं।
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इसके लिए रेकी मास्टर अपने हाथों को बीमार व्यक्ति के शरीर के निकट ले जाता है और अपनी ऊर्जा को उसके शरीर में प्रवाहित करने लगता है। रेकी मास्टर के हाथों से निकलने वाली ऊर्जा बीमार के शरीर में प्रवेश कर उसके शरीर में लाइफ एनर्जी के फ्लो को बैलेंस करता है। यह अपने आप में एक पूरा विज्ञान है जिसे अन्य पद्धतियों के साथ उपयोग किया जा सकता है।
आमतौर पर रेकी को शरीर, मन और मस्तिष्क से जुड़ी किसी भी समस्या में उपयोग किया जा सकता है। परन्तु रेकी मास्टर्स के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में यह अत्यधिक उपयोगी और प्रभावशाली सिद्ध हुई है।
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रेकी उपचार किसी योग्य और प्रमाणित रेकी मास्टर से ही लिया जाना चाहिए। इस समय आप आराम से लेट सकते हैं या बैठ सकते हैं। रेकी मास्टर शरीर पर हल्के से हाथ रखता है और रेकी देता है। उपचार के दौरान आपको गर्मी, ठंडक, झुनझुनाहट या किसी अन्य प्रकार की अनुभूति हो सकती है।
रेकी एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है और इसे पारंपरिक चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लें। रेकी के प्रभावों के बारे में फिलहाल वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, इसलिए इसी पर पूरी तरह से निर्भर होना भी गलत है।
Disclaimer: यदि आप तनाव, चिंता, दर्द या भावनात्मक असंतुलन का अनुभव कर रहे हैं, तो रेकी उपचार आपके लिए एक पूरक उपचार विकल्प हो सकता है। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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