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Ajab Gajab News: एक बार में 250 किलो वजन उठा लेता था, भालू को मुक्का मार भगा दिया था

Ajab Gajab News: विश्व इतिहास में Daniel Lambert एक ऐसा नाम है, जिसे दुनिया का अब तक का सबसे ज्यादा वजनी इंसान माना जाता है। वर्ष 1770 में इंग्लैंड के लीसेस्टर में जन्मे लेम्बर्ट अपने अत्यधिक वजन के कारण प्रसिद्ध था। एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे लैम्बर्ट का जीवन बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला रहा। उसने अपने जीवन में हर वो चीज झेली जिससे एक आम इंसान बचना चाहता है। जानिए डेनियल लैम्बर्ट के बारे में

बचपन था खुशहाल

डेनियल का बचपन किसी भी आम बच्चे जैसा ही था। वह काफी एक्टिव और स्पोर्ट्सपर्सन था। तैराकी करना उसका पसंदीदा काम था, जवानी में उसने एक स्विमिंग कोच के रूप में काम भी किया था। किशारोवस्था में अचानक ही उसका वजन बढ़ने लगा और इसके बाद लगातार बढ़ता ही गया। कहा जाता है कि एक बार उसने सड़क पर भालू से लड़ाई कर एक कुत्ते को बचाया था।

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जेलर के पद पर था तैनात

जवानी में उसने जीवनयापन के लिए कई काम किए। बाद में अपने पिता से लीसेस्टर जेल के जेलर का पद संभाला। उस समय भी उनका वजन लगातार बढ़ता रहा, लेकिन उनकी क्षमता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार डेनियल का वजन लगभग 350 किलोग्राम था। ऐसा नहीं था कि वह केवल मोटा ही था, उसमें अथाह शक्ति भी भरी हुई थी। वह 250 किलो तक का वजन उठा सकता था। उसकी कमर का घेरा करीब 9 फीट था।

जिंदादिली का दूसरा नाम था डेनियल

डेनियल लैम्बर्ट को खुशमिजाज माना जाता था। वह अपने आसपास हमेशा हंसी-मजाक का माहौल बनाए रखता था। वह पूरी तरह से एक्टिव लाइफस्टाइल जीता था, कहा जाता था कि वह रोजाना करीब 7 किलोमीटर तक पैदल चलता था। यही नहीं, वह लगभग आधा किलोमीटर की दौड़ भी बिना हांफे लगा सकता था। इतना अधिक वजनी होने के बाद भी वह इतना सब कर पाता था।

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काम नहीं मिला तो लगाई खुद की प्रदर्शनी

1805 में जेल बंद हो जाने के बाद लेम्बर्ट बेरोजगार हो चुका था। साथ ही उसका वजन भी लगातार बढ़ता जा रहा था। ऐसे में अपनी गरीबी से निजात पाने के लिए डेनियल ने 1806 में लंदन में खुद की प्रदर्शनी लगाने का निर्णय लिया। लोग मोटी फीस लेकर उसे देखने आते। कुछ ही महीनों में वह धनवान बन गया और वापस घर लौटकर खुद का काम स्टार्ट किया।

39 वर्ष की आयु में हुआ निधन

डेनियल लेम्बर्ट का 1809 में बीमारी के चलते आकस्मिक निधन हो गया। मृत्यु के समय उसकी आयु 39 वर्ष थी। असामान्य शरीर के आकार और वजन के चलते उसे दफनाने के लिए खास व्यवस्था करनी पड़ी। उसके कॉफिन पर पहिए लगाए गए ताकि उसे दफनाने के लिए ले जाया जा सके। इसके बाद भी करीब 20 लोगों ने मिलकर उसे जमीन में गहराई तक पहुंचाया।

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