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ISRO जनवरी में करेगा Bikini लॉन्च,जानिए मिशन की ये खास बात

जयपुर।  ISRO अगले साल जनवरी में Bikini लॉन्च करेगा। अगर बिकिनी जनवरी के री-एंट्री मिशन में सफल होता है,तो इससे कॉमर्शियल उड़ानों की नई दुनिया का दरवाजा खुल जाएगा। यानी अंतरिक्ष में किसी भी सामान की डिलिवरी हो सकेगी। वह भी सस्ते में। पहले यह मिशन यूरोपियन एरियनस्पेस कंपनी को दिया जा रहा था। लेकिन बाद में इसे भारत की न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड ने हासिल कर लिया क्योंकि एरियन 6 रॉकेट के डेवलपमेंट में देरी हो रही थी। बिकिनी को पीएसएलवी रॉकेट के चौथे स्टेज में लगाया जाएगा। फिर अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा। वहां से से बिकिनी वापस आएगा।

 

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यह यूरोपियन स्पेस स्टार्ट अप द एक्सप्लोरेशन कंपनी का री-एंट्री व्हीकल है। यानी रॉकेट एक यान को तय ऊंचाई तक ले जाकर छोड़ देगा। उसके बाद इस यान को वापस लौटना होगा धरती पर। इसके लिए कंपनी और इसरो के बीच डील हो चुकी है। अगले साल जनवरी में एक दुबला-पतला यूरोपियन स्पेसक्राफ्ट ISRO के पीएसएलवी रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा।

 

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इस स्पेसक्राफ्ट का नाम है Bikini यह यूरोपियन स्टार्टअप द एक्सप्लोरेशन कंपनी का एक री-एंट्री व्हीकल है।  बिकिनी असल में इस कंपनी के बड़े रीयूजेबल री-एंट्री मॉड्यूल निक्स का छोटा वर्जन है बिकिनी को यह रॉकेट धरती की सतह से 500 किलोमीटर ऊपर ले जाकर छोड़ देगा। वहां से ये वापस धरती की तरफ लौटेगा।  इस दौरान इसकी री-एंट्री को लेकर कई जांच-पड़ताल किए जाएंगे। यह वायुमंडल को पार करते हुए समुद्र में गिरेगा। बिकिनी का वजन मात्र 40 किलोग्राम है। इसका मकसद है अंतरिक्ष में डिलिवरी पहुंचाना। यानी द एक्स्प्लोरेशन कंपनी चाहती है कि वह अपने बिकिनी स्पेसक्राफ्ट के जरिए अंतरिक्ष में डिलिवरी करने के लिए व्यवस्थाओं में जुटा है।

 

बेहतर री-एंट्री और रिकवरी टेक्नोलॉजी विकसित कर पाएंगे

 

इस मिशन के दौरान द एक्सप्लोरेशन कंपनी को जो डेटा मिलेगा,उससे वो भविष्य में ज्यादा बेहतर री-एंट्री और रिकवरी टेक्नोलॉजी विकसित कर पाएंगे। PSLV रॉकेट में पीएस4 यानी चौथे स्टेज का इस्तेमाल हाल ही में पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल (POEM) के लिए इस्तेमाल किया गया था।

 

सही ऊंचाई पर लाकर छोड़ेगा बिकिनी को

 

POEM यानी पीएस4 अब धरती के चारों तरफ चक्कर लगाते हुए एक्सपेरिमेंट्स करता है। बिकिनी को पीएस4 के ऊपर लगाया जाएगा। ताकि मेन मिशन पर कोई असर नहीं आए,क्योंकि बिकिनी में किसी तरह प्रोप्लशन सिस्टम नहीं लगा है। यह पीएस4 के सहारे ही अंतरिक्ष में थोड़ी देर समय बिताएगा। उचित ऊंचाई हासिल करने के बाद पीएस4 हट जाएगा। बिकिनी तेजी से वायुमंडल पार करते हुए समुद्र में गिरेगा।

 

बिकिनी सीधे समुद्र में गिरेगा

 

माना जा रहा है कि इस मिशन के लिए बिकिनी को 500 किलोमीटर के आसपास छोड़ा जाएगा। पीएस4 फिर बिकिनी को डीबूस्ट करते करते हुए ऑर्बिट छोड़ेगा। उसके बाद 120 या 140 किलोमीटर की ऊंचाई पर आने के बाद बिकिनी को छोड़ देगा।

 

Suraksha Rajora

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