जयपुर। Salary Increment : सरकारी हो या प्राइवेट, प्रत्येक कर्मचारी चाहता है कि उसकी सैलरी बढ़ती रहे यानि उसमें इन्क्रिमेंट लगता रहे। लेकिन, अब यदि किसी सरकारी या प्राइवेट कर्मचारी की किसी ने सैलरी बढ़ाई तो उसें गिरफ्तार किया जाएगा और उसें 3 साल तक की जेल की सजा (Jail On Salary Increment) हो सकती है। इसके लिए बाकायदा सरकार की तरफ से आदेश भी जारी किया गया है जो अब इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है।
दरअसल, यह मामला भारत के पड़ोसी देश म्यांमार का है जहां यह आदेश जारी किया गया है। यहां पर एक दुकानदार को अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाना भारी पड़ गया क्योंकि इस अपराध में उसें जेल भेज दिया गया। आपको बता दें कि म्यांमार में सैन्य सरकार (Myanmar Govt) है जिसने देश में बढ़ती महंगाई के बीच पिया फ्यो जॉ नाम के व्यक्ति को अपने कर्मचारियों की मांग पर उनकी सैलरी बढ़ाने पर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इतना ही नहीं बल्कि सरकार ने इस व्यापारी के 3 मोबाइल और स्मार्टफोन शॉप भी बंद कर दी।
हालांकि, पिया फ्यो जॉ म्यांमार में यह अपराध को करके जेल जाने वाले पहले या अकेले व्यक्ति नहीं हैं। बल्कि, उस देश में पिछले कुछ समय में 10 दुकानदारों को कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के अपराध में जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया था। इन सभी दुकानदारों को भी अब 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
सैन्य सरकार द्वारा पिया फ्यो जॉ की एक दुकान के बाहर नोटिस भी लगाया गया है जिसमें लिखा है कि दुकान को समुदाय की शांति और व्यवस्था बिगाड़ने के कारण बंद कर दिया गया है। इसको लेकर जॉ के एक कर्मचारी ने कहा कि हम वेतन वृद्धि के लिए बहुत आभारी थे, लेकिन अब दुकान बंद कर दी गई है और मुझे सैलरी नहीं मिल रही है। हम जैसे आम लोग तेजी से बढ़ती चीजों की कीमते और महंगाई से पीड़ित हैं।
इस देश में सभी आरोपियों ने देश में बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई थी। हालांकि, इस देश में सैलरी बढ़ाना गैरकानूनी नहीं है। कानूनविदों के अनुसार अब सरकार आरोप लग रहे हैं कि बिजनेमैन लोगों को यह विश्वास दिलाकर कि महंगाई बढ़ रही है शासन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। वहां, के सैन्य शासन का तर्क है कि मुद्रास्फीति को कमजोर करने के बावजूद सैलरी में इंक्रीमेंट अशांति को बढ़ावा देने के बराबर है।
अप्रैल 2024 में आई यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम की एक रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार में तेजी से मध्यम वर्ग खत्म हो रहा है। इसके साथ ही आर्थिक संकट के कारण गरीबी तेजी बढ़ रही है। गरीबी से सबसे अधिक प्रभावित कमजोर आबादी हो रही जिसमें विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे हैं। म्यांमार में रहने वाले ऐसे परिवारों को तुरंत प्रभाव से अंतर्राष्ट्रीय मदद देने के लिए आग्रह किया गया है।
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