ऑस्ट्रेलिया के समुद्र तट पर 17 जुलाई को एक बेलनाकार चीज बहकर आई थी। इस रहस्यमयी वस्तु ने सभी को हैरान कर दिया था और इसकी जांच में जुट गए थे। इसकी जांच में पूरा 2 सप्ताह का समय लगा। 14 दिन की जांच में इस रहस्यमयी घटना से पर्दा उठ गया है। सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की स्पेस एजेंसी ने बताया कि वो बेलनाकार वस्तु कुछ और नहीं बल्कि भारतीय रॉकेट का मलबा है।
ऑस्ट्रेलिया की स्पेस एजेंसी ने फिलहाल इसे स्टोरेज में रख दिया है। इसकी अधिक जांच के लिए ऑस्ट्रेलिया ने दुनियाभर की एजेंसियों से संपर्क किया है वहीं भारत भी इसमें पूरा सहयोग कर रहा है। जांच में मिला यह टुकड़ा 2 मीटर ऊंचा बताया जा रहा है। वहीं एजेंसी ने लोगों से कहा कि अगर ऐसी कोई और चीज उन्हें मिले तो स्पेस एजेंसी को इस बारे में जानकारी दें।
ऑस्ट्रेलिया की स्पेस एजेंसी का कहना है कि यह PSLV लॉन्च व्हीकल का हिस्सा है जो कि तीसरी स्टेज पर अलग हो गया था। पहले इसे लापता एमएच370 फ्लाइट का एक हिस्सा माना जा रहा था। इस मामले में ISRO की ओर से कोई अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन कुछ लोग इसे चंद्रयान-3 से जोड़ रहे हैं जो कि 14 जुलाई को ही लॉन्च किया गया है।
रॉकेट का हिस्सा मिलने पर ऑस्ट्रेलियाई स्पेस एजेंसी ने इसकी जानकारी ट्विटर पर दी थी। एजेंसी ने इस वस्तु की फोटो ट्वीट करते हुए कहा था- जुरियन बे, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया में मिली इस वस्तु की हम जांच कर रहे हैं। ये कोई फॉरेन स्पेस लॉन्च व्हीकल का हिस्सा हो सकता है।
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