रूस और यूक्रेन में अभी भी जंग जारी है इस बीच ही रूस ने सीरिया पर भी हमला कर दिया है। रविवार को रूस की ओर से सीरिया पर एक हवाई हमला किया गया। यह हमला उत्तर पश्चिमी सीरिया के उस इलाके में हुआ जहां विद्रोहियों का कब्जा है। दुख की बात यह रही यहां हमले में दो बच्चों के साथ 9 लोगों की भी मौत हुई। जानकारी के अनुसार यह हमला इदलिब प्रांत के जिस्र अल-शुघुर शहर के कुछ इलाकों में हुआ। जहां रूसी सेना की ओर से एयर स्ट्राइक की गई वहां काफी बड़े बाजारों के होने के कारण भी आम जनता को जानमाल का नुकसान हुआ।
सरकार ने बताया नरसंहार
सीरिया की सरकार की ओर से रूस के इस हमले को नरसंहार के बराबर बताया है। यहां मौजूद लोगों ने बताया कि रूस के हमले में वहां कई गोले बरसाए गए। जिससे वहां बाजार में आ जा रहे लोगों को काफी नुकसान हुआ। जिन्हें बचाने में भी वहां की आम जनता ने ही मदद की। हमले के बाद इलाके में धुएं का गुबार छा गया।
सबसे घातक हमला
सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स की ओर से चीफ रामी अब्देल रहमान ने इस हमले को साल का रूस में सबसे घातक हमला बताया। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि पिछले हफ्ते भी रूसी सेना ने ड्रोन से हमले किए थे। जिसमें दो बच्चे और चार अन्य की मौत हो गई थी। यह हमले नरसंहार के समान हैं। सीरिया के रक्षा मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी बयानों में बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों में यहां के हमा और लताकिया प्रांतों में कई लोगों की हमलों में मौत हुई है।
23 जून के हमले का है बदला
रूस में 23 जून को करदाहा शहर में विद्रोहियों का हमला हुआ था। यह हमला रूस के हमीमिम एयर बेस के पास हुआ था। जहां सीरिया के प्रेसिडेंट बशर-अल-असद का पैतृक निवास बताया जाता है। रूस की ओर से शुरू से ही सीरिया के प्रेसिडेंट का सपोर्ट किया जा रहा है। रूस ने यह हमला इसी विद्रोही हमले का जवाब देते हुए दिया है।
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