आज शेयर मार्केट में सुबह से ही मंदी का दौर रहा। शेयर मार्केट में बढ़ने वाले शेयर की बजाए, घटने वाली शेयरों की संख्या अधिक थी। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही गिरावट देखी गई।
मंदी में भी मुनाफा कैसे करें?
वैसे शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है। जहां आप तेजी में ही नहीं मंदी में भी मुनाफा कमा सकते हैं। कुछ समय पहले आई मूवी स्केम 92 तो आपको याद ही होगी?
जहां शेयर बाजार की गिरावट में भी वह किस प्रकार कमाई करता है ? अगर आपकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी सही है, तो आप शेयर मार्केट की गिरावट में भी मुनाफा कमाने वाले बन सकते हैं। आइए जानते हैं। वह कौन से उपाय हैं। जिनसे आप गिरावट के दौरान ही निवेश कर कमा सकते हैं।
शॉर्ट सेलिंग
जी हां, शॉर्ट सेलिंग शेयर बाजार में कमाई करने का सबसे शानदार तरीका है। इसमें एक ट्रेडर शेयर का सौदा तब करता है, जब उसे पता होता है कीमतें गिरने वाली है। ऐसे में वह ट्रेडर किसी ऑनलाइन ब्रोकरेज से शेयर उधार लेकर उन्हें मार्केट प्राइस पर बेच देता है और बाद में कीमत गिरने पर उन्हें खरीद कर ब्रोकर को लौटा देता है । अर्थात पहले वह उधार के शेयर को पहले ऊंची कीमत पर बेचता है और फिर कम कीमत होने पर उन्हें लौटा कर मुनाफा कमाता है। हालांकि शॉर्ट सेलिंग पर भी सेबी की निगाह होती है और यह काफी जोखिम भरा काम है। इसे करने के लिए बाजार का माहिर खिलाड़ी होना चाहिए।
डिविडेंड इन्वेस्टिंग
शेयर मार्केट में इक्विटी के साथ-साथ डिविडेंड इन्वेस्टमेंट काफी प्रचलन में रहता है। जब शेयर मार्केट गिरावट में हो उस समय डिविडेंड इन्वेस्टिंग लाभ का सौदा हो सकती है। इक्विटी मात्र एक हिस्सेदारी है। जबकि डिविडेंड में लाभांश मिलने के चांसेस अधिक होते हैं।
ऐसे में मार्केट में गिरावट के दौरान शेयरों की कीमतें भले ही कम हो जाए। लेकिन फिर भी अच्छा डिविडेंड देने वाली कंपनियों में किया गया निवेश बेहतर रिटर्न देने की उम्मीद जगाता है। वैसे यह कंपनी की पॉलिसी पर निर्भर करता है। डिविडेंड मिलने की कोई गारंटी है या नहीं? इसलिए बेहतर होगा कि पहले आप सही कंपनी का चुनाव करें।
पुट ऑप्शन
शेयर मार्केट में पुट ऑप्शन एक ऐसा फाइनेंशियल टूल है। जिसकी मदद से आप पहले से निर्धारित ऑप्शन को चुनकर मुनाफा कमा सकते हैं। यह पहले से निर्धारित कीमत होती है। इसमें आपको निश्चित समय सीमा के भीतर किसी खास शेयर को पहले से तय कीमत और संख्या में बेचने का अधिकार होता है। पुट ऑप्शन खरीदने वाले के लिए ऐसा करना जरूरी नहीं होता। लेकिन अगर वह अपने राइट्स का इस्तेमाल करके शेयर की बिक्री करना चाहे तो पुट ऑप्शन बेचने वाले के लिए उसे पहले से तय कीमत और संख्या में खरीदना जरूरी होता है।
यह तरीका तब काम करता है। जब ट्रेडर पुट ऑप्शन करते समय यह जान जाए कि शेयर में गिरावट आने वाली है, जबकि पुट ऑप्शन बेचने वाला शेयर में तेजी आने की उम्मीद करता है। यह एक काफी जटिल ट्रेडिंग है। इसमें जोखिम भी बहुत है। इसलिए इसे करने से बचने की हिदायत दी जाती है।
डिफेंसिव स्टॉक
शेयर मार्केट में कुछ ऐसी कंपनियां लिस्टेड होती है। जो रोजमर्रा की चीजों से जुड़ी होती हैं इनकी मार्केट वैल्यू भी अच्छी होती है।ऐसी कंपनियों के स्टॉक में गिरावट आने के चांसेस बहुत कम होते हैं। जैसे गैस, बिजली या फिर हेल्थकेयर सेक्टर हो। कुल मिलाकर निवेश इस प्रकार से करना चाहिए। जिससे कि मुनाफा ना हो तो, कम से कम गिरते बाजार में भी नुकसान ना हो।
इसके अलावा एक तरीका कॉस्ट एवरेजिंग का भी है इसके तहत निवेश सीधे किसी शेयर में करने की बजाय किसी अच्छे इक्विटी म्युचुअल में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट व्यवस्थित तरीके से एसआईपी के जरिए किया जाए। तो एवरेजिंग के साथ-साथ डायवर्सिफिकेशन का फायदा भी मिल सकता है।
आज शेयर मार्केट में गिरावट का दौर रहा। बीएसई सेंसेक्स 371 अंक गिरकर 61,560 अंक पर बंद हुआ। वही निफ़्टी टॉप फिफ्टी 0. 57 परसेंट गिरकर 18,181.75 अंक पर बंद हुआ। वही आज रुपए में भी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी मुद्रा की मजबूती के कारण आज डॉलर 82.38 पर बंद हुआ।
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