जयपुर। World War : इस समय एक और जहां इजरायल और हमास का युद्ध चल रहा है तो दूसरी ओर रूस और यूक्रेन में लगातार जंग जारी है। लोग यही समझ रहे हैं कि दुनिया में सिर्फ इन दो जगहों पर ही युद्ध हो रहा है, जबकि हकीकत कुछ और है। इस समय पूरी दुनिया में 92 देश 56 जगहों पर युद्ध लड़ रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि इन युद्धों में अब 162000 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
ग्लोबल पीस इंडेक्स (Global Peace index) के अनुसार इस समय द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के बाद विश्व में सबसे ज्यादा लड़ाइयां चल रही हैं। दुनिया के 92 देश अपने देश की सीमा से बाहर युद्ध कर रहे हैं। यह सामने आया है कि 2008 के बाद युद्धों की संख्या में तेजी आई है। 2023 में सबसे अधिक युद्ध हुए। दुनिया में कई देशों के बीच ऐसी छोटी-छोटी लड़ाइयां चल रही हैं भविष्य में बड़े युद्ध में तब्दील हो सकती हैं। जैसे कि इथोपिया या मिडिल ईस्ट में चल रही लड़ाईयां।
पीस इंडेक्स के मुताबिक दुनिया भर में चल रही इन लड़ाइयों में सिर्फ 2023 में ही 162000 लाख लोगों की जान जा चुकी है। पिछले 30 सालों में यही दूसरा ऐसा साल था जब सबसे अधिक मौतें हुईं। इनमें से एक तिहाई लोगों की मौतें तो रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास की लड़ाइयों में हुई। अब तक अकेले यूक्रेन में 83000 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, फिलिस्तीन में 33000 लोगों को मौत हो चुकी है। यदि मौतों का यह सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो 1994 के रवांडा नरसंहार से अधिक मौतें हो सकती हैं।
दुनियाभर में चल रहे इन युद्धों में 2023 तक 19.8 ट्रिलियन डॉलर बर्बाद हो चुके हैं। यह रकम इतनी बड़ी है चीन, जर्मनी, जापान, भारत, ब्रिटेन या फ्रांस जैसे देशों की इकोनॉमी से अधिक है। उदाहरण के तौर पर समझें तो चीन की कुल इकोनॉमी 18.53 ट्रिलियन डॉलर है, जर्मनी की 4.59, भारत की 3.94 और ब्रिटेन की 3.5 ट्रिलियन डॉलर की है।
पीस इंडेक्स के अनुसार मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका दुनिया में सबसे अधिक अशांत इलाके हैं। दुनिया में प्रत्येक 10 में से 4 अशांत देश इन्हीं क्षेत्रों के हैं। वहीं, सूडान और यमन सबसे अशांत देश हैं।
ग्लोबल पीस इंडेक्स के अनुसार रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद दुनिया के देश मिलिटराइजेशन की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं और उनमें हथियार, गोला-बारूद जुटाने की होड़ मची हुई है। अधिकतर देश सैनिकों की संख्या की बजाए आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक हथियार जुटाने में लगे हुए हैं। इस समय दुनिया में अमेरिका के पास सबसे अधिक मिलिट्री कैपेबिलिटी है। जबकि, रूस भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दुनियाभर में युद्ध की वजह से 110 मिलियन लोग बेघर हो चुके हैं अथवा शरणार्थी हैं या हिंसक संघर्ष की वजह से विस्थापित हो चुके हैं।
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